31 मार्च के बाद बीएस 4 कारों का नहीं होगा रजिस्ट्रेशन, स्टॉक खतम करने के लिए गिर सकतीं हैं कीमतें


सुनहरा संसार 


सुप्रीम कोर्ट ने ऑटो इंडस्ट्री को जबरदस्त झटका देते हुए  बीएस4 वाहनों की मियाद बढ़ाने से इंकार कर दिया। इससे कंपनियों के सामने सबसे बड़ी मुश्किल बीएस 4 वाहनों की बिक्री, क्योंकि इसके बाद सीधे बीएस 6 कारों का ही पंजीयन होगा। इससे उम्मीद जताई जा रही है कि कंपनियां स्टॉक खत्म करने के लिए एक बार फिर सस्ते दामों पर कारें बेचने के लिए मजबूर होंगी। 


 

गौरतलब है कि कार निर्माता कंपनियों और ऑटो डीलर्स एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर मांग की थी कि बीएस4 वाहनों की बिक्री की समयसीमा बढ़ाकर 30 अप्रैल तक कर दी जाए ताकि कंपनियों को स्टॉक निकालने में सहुलियत रहे और घाटे से बचा जा सके । वहीं ऑटो सेक्टर में सुस्ती के चलते ऑटो कंपनियों और डीलर्स के पास बीएस4 वाहनों की अच्छी-खासी इन्वेंट्री है, जिसकी बिक्री के लिए कंपनियां लाखों रुपये का डिस्काउंट तक दे रही हैं। लेकिन बाजार में मंदी और स्टॉक को देखते हुए निर्धारित समय सीमा में बीएस 4 वाहनों की बिक्री संभव नहीं लगती है । वहीं बढ़ते प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए मा. सर्वोच्च न्यायालय ने भी निर्माताओं और डीलरों को राहत देने से साफ इंकार कर दिया है। ऐसे में कंपनियों के सामने समस्या ये है कि वह अपनी कारों को  इतने कम समय में न तो अपग्रेड कर सकतीं और न ही सेल। लिहाजा जानकारों की मानें तो कंपनियों को तमाम एहतियातों के बावजूद बीएस 4 कारों के स्टॉक को खतम करने के लिए उनकी कीमतों में कमी लाना पड़ सकती है। 

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