स्वच्छता और प्राकृति प्रेम ही सच्चा गांधी दर्शन - एडीजी सिंह


                गीता संदेश के लिए करते हैं गीता दान 


सुनहरा संसार -


ग्वालियर । मंगलवार को महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में 'इक्कीसवी सदी का भारत गांधी दर्शन एवं गीता की प्रासंगिक्ता ' विषय पर कमलाराजा महाविद्यालय में परिचर्चा का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप एडीजी राजा बाबू सिंह मुख्य उपस्थित के रूप में उपस्थित हुए तथा अध्यक्षता विधायक प्रवीण पाठक ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में अतिरिक्त उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. एमके कौशल और प्राचार्य डॉ. मंजू दुबे उपस्थित थीं।   
स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए एडीजी सिंह ने कहा कि 150वीं जयंती पर हम अलग-अलग तरीकों से गांधीजी को याद कर रहे हैं, लेकिन कितने लोग हैं जो गांंधी दर्शन को जीवन में उतारते हैं। आज की दुनिया को बेहतर और खूबसूरत बनाने  के लिए हमारे पास अहिंसा से बड़ा कोई शस्त्र नहीं है। अहिंसा के विचारों से ही स्वतंत्रता, समानता और बधुंत्व को दुनियाभर में स्थापित किया जा सकता है। यह चेतना मनुष्य समाज ने लंबे संघर्ष के बाद हासिल की। इसके लिए हमें गौतम बुद्घ, जैन गुरु, महात्म गांधी, बाबा साहब अंबेडकर जैसे महापुरुषों का शुक्रगुजार होना चाहिए।


प्राकृति प्रेमी के रूप में पहचान बना चुके एडीजी श्री सिंह ने स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में पौधारोपण, साफ-सफाई के लिए हमेंं स्वयं आगे कदम बढ़ाना चाहिए वास्तविक रूप से गांधी दर्शन हमें यही सिखाता है । अगर हम ऐसा करने में सफल हुए तो मान लीजिए हमने गांधीजी के विचारों को आत्मसात कर लिया है। इसके साथ ही उन्होंने पुलिस कर्तव्य निभाते हुए छात्राओं को कहा कि आपको डरने की जरूरत नहीं है यदि कोई अभद्रता करता है तो पुलिस में  शिकायत करें अथवा आपके कॉलेज में लगी पेटी में डाल दें, तुरंत ऐक्शन होगा। इस अवसर पर उन्होंने अपना प्रिय ग्रंंथ " भगवत गीता" सभी स्टूडेंट्स को भेट स्वरूप वितरित किया। 


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