स्वच्छता में अव्वल इंदौर, कचरे से कमाने में भी अव्वल 


सुनहरा संसार - 


इंदौर में पीपीपी मॉडल के आधार पर एक निजी कम्पनी ने  30 करोड़ रुपये के निवेश से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस युक्त ऑटोमेटिक प्रसंस्करण संयंत्र लगाया है। कचरे के बदले कंपनी निगम को 1.51 करोड़ प्रति माह भुगतान करेगी। देश में संभवत: अपनी तरह के इस पहले संयंत्र में हर दिन 300 टन सूखे कचरे का प्रसंस्करण किया जा रहा है। रोबोटिक प्रणाली वाले इस संयंत्र की खासियत ये है कि इसका सेंसर सूखे कचरे को छांट कर अलग कर देता है तथा प्रसंस्करण के बाद सूखे कचरे में से कांच, प्लास्टिक, कागज, गत्ता, धातु आदि पदार्थ अलग-अलग बंडलों के रूप में बाहर निकल जाते हैं।  35 लाख की आबादी वाले इंदौर में हर रोज तकरीबन 1,200 टन कचरे का निपटारा किया जाता है, इसमें 550 टन गीला कचरा और 650 टन सूखा कचरा शामिल है। इस संयंत्र के लिये आईएमसी ने 4 एकड़ जमीन दी है।  

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