केंसर जैसी  बीमारियों से बचने के लिए देशी गौवंश का संरक्षण जरूरी: एडीजीपी राजाबाबू

सांकेतिक


        गौवंश की रक्षा का लिया संकल्प 


सुनहरा संसार -


ग्वालियर। स्वामी विवेकानंद मानते थे कि युवा देश के महत्वपूर्णं अंग ही नहीं बल्कि देश का आधार होते है। परंतु आज खानपान में मिलावट से युवाओंं में  समय से पहले कई तरह की बीमारियां होने लगी हैं। सबसे ज्यादा मिलावट युक्त दूध से केंसर हो रहा हैं। दूध में मिलावट को नहीं रोका गया तो  सर्वे के मुताबिक सन 2050 तक 70 प्रतिशत जनसंख्या केंसर से पीडित हो जायेगी।


स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर मार्क हॉस्पिटल गोला का मंदिर गौशाला पर मुख्य अतिथि एडीजीपी राजाबाबू ने गौशाला में युवा दिवस पर आयोजित गौसेवकों के सम्मान समारोह में बोलते हुए कहा कि धन कमाने के लिए  जिस तरह से मिलावट खोरी चल रही है यूरिया से दूध और अन्य दुग्ध उत्पाद बनाए  जा रहे  हैं, वह हमारे शरीर को रोगी बनाने में अहम रोल अदा कर रहे है। इससे बचने के लिए हमें अपने खानपान के साथ - साथ दूध के प्रयोग पर भी विचार करना होगा, जिसे देशी गौवंश के संरक्षण और उससे मिलने वाले दूध के उपयोग से आसानी से रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि आजकल गौ पालक, गौवंस का संरक्षण ना करते हुए उन्हे खुला छोड देते हैं, जिसे रोकना होगा। हम पाॅलीथिन में खाने की वस्तु रख कर फैंक देते हैं उसे खाकर  ज्यादातर गौवंश मर रहा हैं। हम सभी को पाॅलीथिन का उपयोग ना करते हुए एक एक गाय के संरक्षण की जिम्मेदारी लेना चाहिए। गौरक्षा के लिए समाज सेवियों एवं युवाओं को आगे आना चाहिए। 


    गौशाला का संरक्षण कर रहे हरिद्वार के संत ऋषभानन्द महाराज ने गौ सेवा के महत्व को बताया। साथ ही कहा कि सभी को मिलजुलकर गौ संरक्षण के लिए आगे आने की आवश्यकता है, उन्होंने कहा कि शहर के प्रबुद्ध नागरिक गौ सेवा के लिए एक दिन जरूर निकालें। क्योंकि हिन्दू धर्म में गौमाता को मां का दर्जा दिया गया है। हम सबका कर्तव्य बनता है कि हमें उनकी रक्षा एवं सुरक्षा करनी चाहिए। कार्यक्रम में ग्वालियर पूर्व के विधायक  मुन्नालाल गोयल ने उपस्थित होकर गौसेवा के उपर लगाई गई प्रदर्शनियों का अवलोकन भी किया।  कार्यक्रम में सामाजिक संस्थाओं चलो गांव की और, ग्रीन काॅरिडोर, सत्यनारायण समाज सेवा संस्था, रामरोटी, ज्योतिभावना संस्था, वूमन एवं चाइल्ड हेल्थ ग्रुफ, रेडक्राॅस सोसायटी आदि ने गौरक्षा, पाॅलीथिन मुक्त, गाय के गोबर से बने उत्पाद, रक्तदान, स्वच्छता को लेकर प्रदर्शनी लगाई। साथ ही सामाज सेवियों ने 30 यूनिट रक्तदान किया गया जिसमंे बजरंग भक्त मंडल की ओर से 05 सदस्यों ने ऋषभानन्द महाराज की प्रेरणा से रक्तदान किया।