जनसंपर्क कार्यालय में चोरी सवालों के घेरे में!


सुनहरा संसार 


ग्वालियर। शहर में चोरों के हौंसले कितने बुलंद हैं इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे सरकारी दफ्तर को भी निशाना बनाने से नहीं चूके। चोरों ने नगर-निगम के जनसंपर्क कार्यालय के ताले तोड़कर न सिर्फ चोरी की वारदात को अंजाम दिया बल्कि एसी की ठंडी हवा का लुत्फ भी उठाया।


प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार की छुुट्टी और सोमवार को रक्षाबंधन के कारण दो दिन से नगर-निगम जनसंपर्क कार्यालय बंद था। इस दौरान चोर पार्टी ताले तोड़कर अंदर घुसी और एसी चलाकर तसल्ली से तलाशी ली। इस दौरान उन्होंने अलमारी खंगाली। कुछ नहीं मिला तो टेबल पर रखे कप्यूटरों को नीचे पटक दिया। दराजों का सामान और अन्य दस्तावेजों की फाइलें भी फेंक दीं। अंत: में एक कमरे में लगी 55 इंच की एलईडी को दीवार से उखाड़कर ले गए। मंगलवार सुबह कर्मचारियों के आने पर वारदात का पता चला तो वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी।


 अहम सवाल यह है कि चोरों द्वारा नगर निगम के जनसंपर्क कार्यालय को ही निशाना क्यों बनाया गया, जबकि इसके आसपास पुलिस का पहरा रहता है फूलबाग पुलिस चोकी भी है और सबसे बड़ी बात कि चोरों ने एलईडी को ही निशाना बनाया जबकि महंगे कंप्यूटर तथा उपकरणों पर ध्यान ही नहीं दिया। 


चोरों की फाइलों में दिलचस्पी को देखते हुए इस संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता है कि विभाग के ही कुछ कर्मचारियों ने सच को छुपाने के लिए घटना को चोरी का रूप देने की कोशिश की हो, क्योंकि लगभग एक महीने पहले निगम द्वारा विभिन्न समाचार पत्रों को जारी किये गए विज्ञापन और उनकी दरों को लेकर सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी गई थी जिसका जबाव आरटीआई कार्यकर्ता को अभी तक नहीं दिया गया है और चोरी हो गई जिसमें हो सकता है कि वह फाइलें भी चली गई हो जिससे संबंधित जानकारी मांगी गई थी ।